डायरी के पन्ने 12th class

• Class 12 Hindi Vitan Chapter 4 Summary डायरी के पन्ने • डायरी के पन्ने • डायरी के पन्ने पाठ का सारांश 

 • ऐन फ्रैंक की डायरी ‘ऐन फ्रैंक द्वारा रचित ‘डायरी’ विधा को एक सशक्त कृति है। यह डायरी दवितीय विश्व युद्ध के समय यहदियों पर ढाए गए जुल्मों और मानसिक यातनाओं का जीवंत दस्तावेज़ है। यहूदी समुदाय ऐसा समुदाय था जिसे द्वितीय विश्व युद्ध में सबसे ज्यादा कष्ट उठाने पड़े। उन्हें गुप्त तहखानों में लंबे-लंबे अरसे तक गुजर-बसर करना पड़ा। वहाँ उन्हें भूख, गरीबी, बीमारी, शारीरिक एवं मानसिक पीड़ाओं को सहते हुए पशुओं जैसा जीवन जीना पड़ा। जर्मनी के नाजियों के शिकंजे में फंसकर उन्हें अनेक अमानवीय यातनाओं से दो-चार होना पड़ा। • ऐन फ्रैंक की डायरी दो यहूदी परिवारों के अज्ञातवास की व्यथा-कथा है। एक था फ्रैंक परिवार, जिसमें माता-पिता और उनकी दो बेटियाँ मार्गोट और ऐन थीं। मार्गोट की उम्र सोलह साल और ऐन की आयु तेरह साल की थी। उनके साथ दूसरा परिवार था वान दान दंपती और उनका सोलह वर्षीय बेट पीटर। उनके साथ आठवाँ व्यक्ति था मिस्टर डसेल। इस आठ सदस्यीय परिवार की फ्रैंक साहब के कार्यालय में काम करने वाले ईसाई कर्मचारियों ने मानवीय स्तर पर मदद की थी। • ऐन ने इसी अज्ञातवास को कलमबद्ध किया। इस डायरी में भय, आतंक, बीमारी, भूख, प्यास, मानवीय संवेदनाएँ, प्रेम, घृणा, हवाई हमले का डर, पकड़े जाने का भय, बढ़ती उम्र की तकलीफें, सपने, कल्पनाएँ, बाहरी दुनिया से डरने की पीड़ा, मानसिक एवं शारीरिक आवश्यकताएं हंसी-मजाक, युद्ध की पीड़ा और अकेलेपन का दर्द सब कुछ लिपिबद्ध है। यह पीडाजन्य स्थितियों को दर्ज करती डायरी 2 जून, 1942 से शुरू होकर 1 अगस्त, 1944 के बीच लिखी गई है। • 4 अगस्त, 1944 को किसी व्यक्ति की सूचना पर इन आठ लोगों को पकड़ लिया जाता है। सौभाग्य से यह डायरी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ी, वरना तो यह डायरी कहीं गुम होकर रह जाती। 1945 में ऐन की असमय मृत्यु के पश्चात उनके पिता ओरो फ्रैंक ने इसे 1947 में प्रकाशित करवाया। ऐन ने यह डायरी चिट्ठियों के माध्यम से लिखी थीं। ये चिट्ठियाँ ऐन ने उपहार के रूप में मिली गुड़िया ‘किट्टी को संबोधित करके लिखी थीं। •


 प्रमुख पात्र • 1.ऐनफ्रेंक- डायरी की लेखिका •
 2. किट्टी -एक गुड़िया(जिसके नाम को सम्बोधित करके डायरी लिखी गयी) •
 3. मार्गोट एनफ्रेंक की बहन ( 16 वर्षीय) •
4. ऑटो फ्रैंक -ऐन के पिता •
5. मिसेज फ्रैंक -ऐन की माता •
6.मिस्टर वानदान- फ्रैंक के पिता के बिजनेस पार्टनर व यहूदी दोस्त •
7.मियप- ऐन के पिता की कंपनी की एक कर्मचारी • 8. मिस्टर कुगलेर- उनके पिता की कंपनी का एक कम कर्मचारी • 9. जॉन -मियप का पति •
 10. पीटर -मिस्टर एवं मिसेज वानदान का बेटा •
11.मिस्टर डसेल- फ्रेंड के पिता के दोस्त ।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

लता मंगेशकर 11वीं हिन्दी।

घर की याद -भवानी प्रसाद मिश्र xi class CBSE/HBSE

अक्क महादेवी (वचन)Akk Mhadevi e bhukh mat machal