Teachers Day par speech कैसे दें।

 हैप्पी टीचर्स डे (5सितंबर): शिक्षक दिवस पर कैसे बोलें?

आदरणीय प्रधानाचार्य महोदय,मेरे सभी शिक्षक- गण और मेरे सहपाठियों आप सभी को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। सबसे पहले मैं अपने शिक्षकों ,जिन्होंने मेरे जीवन में अमूल्य योगदान दिया उनकी हार्दिक चरण स्पर्श वंदन करता हूं। और इस सुअवसर पर कुछ शब्दों के साथ अपने विचारों को प्रकट करना चाहता हूं शिक्षक का हमारे जीवन में बहुत महत्व है।वह उसे दीपक की भांति है जो खुद जलकर दूसरों को प्रकाश देता है ।  शिक्षक हमारे जीवन में अज्ञानता के अंधकार को दूर करके ज्ञान का प्रकाश फैलता है।भारत में 5 सितंबर को सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन पर शिक्षक दिवस मनाया जाता है।

 राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर, 1888 को तिरुत्तानी शहर में एक मध्यम वर्गीय तेलुगु परिवार में हुआ था। उन्होंने मद्रास प्रेसीडेंसी कॉलेज और मैसूर विश्वविद्यालय में दर्शनशास्त्र के प्रोफेसर के रूप में काम किया। स्वतंत्रता के बाद से वह 1962-1967 तक भारत के दूसरे राष्ट्रपति थे। राधाकृष्णन को 1954 में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। उन्हें नोबेल पुरस्कार के लिए 27 बार नामांकित किया गया था। साहित्य में नोबेल पुरस्कार के लिए 16 बार और नोबेल शांति पुरस्कार के लिए 11 बार नामांकित किया गया। साहित्य के क्षेत्र में उनकी पहली उल्लेखनीय कृति "द फिलॉसफी ऑफ रवींद्रनाथ टैगोर" थी। वे तुलनात्मक धर्म, तुलनात्मक पूर्वी और पश्चिमी दर्शन पर अपने काम के लिए प्रसिद्ध थे। एक शिक्षक वह होता है जो छात्रों को बढ़ने और सीखने में मदद करता है। शिक्षक दिवस का महत्व उन चुनौतियों, कठिनाइयों और उल्लेखनीय भूमिकाओं को स्वीकार करना है जो शिक्षक हमारे जीवन में निभाते हैं। तथा अंत में यही  कहना चाहता हूं कि हमें अपने शिक्षकों का आदर्श सम्मान हृदय से करना चाहिए। ताकि उनके दिए गए ज्ञान रूपी प्रकाश से हमारा जीवन प्रकाशमय हो जाए।


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